पन्ना 1
भोलू एक बड़ा काला भैंसा है। उसे तालाब बहुत पसंद है।
पन्ना 2
घर जाने का समय हो गया। पर भोलू हिलता ही नहीं। बस उसकी नाक और आँखें दिखती हैं।
पन्ना 3
अर्जुन रस्सी खींचता है। भोलू पानी में बुलबुले बनाता है। बुड़-बुड़, बुड़-बुड़।
पन्ना 4
चाचा धक्का देते हैं। चाची आवाज़ लगाती हैं। कुत्ता भौंकता है। भोलू सो जाता है।
पन्ना 5
फिर अर्जुन को एक तरकीब सूझती है। वह हरी घास का बड़ा-सा गट्ठर ऊपर उठाकर दिखाता है।
पन्ना 6
छपाक! भोलू झट से बाहर आ जाता है। सब पर पानी टपकता है। किसी को बुरा नहीं लगता।