KathaKids

दादाजी और हरी मिर्च

  • मज़ेदार
  • 6–8 साल
  • 9 पन्ने
  • पढ़ने का स्तर: मध्यम
अपने बच्चे के नाम से यह किताब बनाएँ →

इस झलक में नाम अर्जुन है। आपकी किताब में आपके बच्चे का नाम होगा।

पन्ना 1

दादाजी कहते हैं, “मैं गाँव का सबसे बहादुर आदमी हूँ। मिर्च मुझे डरा नहीं सकती!”

पन्ना 2

अर्जुन बगीचे से एक छोटी हरी मिर्च लाकर उन्हें देता है।

पन्ना 3

दादाजी उसे एक ही बार में खा जाते हैं। कुरकुर! वे मुस्कुराते हैं। “देखा? कुछ नहीं हुआ!”

पन्ना 4

फिर उनके कान लाल हो जाते हैं। नाक लाल हो जाती है। चेहरा टमाटर जैसा लाल हो जाता है!

पन्ना 5

“पानी! पानी!” दादाजी आँगन में गोल-गोल भागते हैं। मुर्गियाँ भी भागती हैं।

पन्ना 6

अर्जुन एक कटोरी दही लाता है। दादाजी सारा खा जाते हैं। “शायद मिर्च मुझसे ज़्यादा बहादुर है,” वे कहते हैं।

और कहानियाँ

दूसरी भाषाओं में पढ़ें