पन्ना 1
अर्जुन सुंदरबन में नाव की सैर करता है। पेड़ पानी में लंबी-लंबी जड़ों पर खड़े हैं।
पन्ना 2
नाव वाले भैया कीचड़ की ओर इशारा करते हैं। बड़े-बड़े पंजों के निशान! “यहाँ से बाघ गुज़रा था,” वे धीरे से कहते हैं।
पन्ना 3
अर्जुन अपनी साँस रोक लेता है। जंगल बिल्कुल चुप है।
पन्ना 4
एक केकड़ा टेढ़ा-टेढ़ा भागता है। एक किंगफ़िशर चिड़िया पानी में गोता लगाती है। छपाक!
पन्ना 5
फिर दूर, पत्तों के बीच से दो पीली आँखें झाँकती हैं।
पन्ना 6
बाघ मुड़ता है और पेड़ों के बीच चला जाता है। अर्जुन इसे कभी नहीं भूलेगा।