पन्ना 1
राजस्थान के रेगिस्तान में अर्जुन ऊँट पर बैठा है। ऊँट बैठ जाता है। वह चलेगा ही नहीं!
पन्ना 2
“चलो न?” अर्जुन कहता है। ऊँट जम्हाई लेता है। अर्जुन गाना गाता है। ऊँट सो जाता है!
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फिर अर्जुन कहता है, “खाना!” ऊँट उछलकर दौड़ पड़ता है। कसकर पकड़ो, अर्जुन!
पन्ना 4
ऊँट तंबू तक दौड़ता है। खाना है हरी पत्तियों का बड़ा ढेर।
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अर्जुन भी खाता है। आग के पास गरम रोटी और मीठा दूध।
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ऊँट अर्जुन के पास सोता है। खर्र, खर्र। शुभ रात्रि, रेगिस्तान!