पन्ना 1
बड़ी शादी है। दूल्हा जूते उतारता है। अर्जुन और भाई-बहन उन्हें छिपा देते हैं! ही ही।
पन्ना 2
दूल्हा मेज़ के नीचे देखता है। कुर्सियों के नीचे। गमले में। जूते नहीं!
पन्ना 3
“एक मिठाई दो, तो बताऊँगा,” अर्जुन कहता है। दूल्हा लड्डू देता है। जूते हैं... गाय पर!
पन्ना 4
दूल्हा हँसता है। “गाय! वाह!” वह सब भाई-बहनों को लड्डू देता है।
पन्ना 5
गाय जूते वापस नहीं देना चाहती। मूँ!
पन्ना 6
दादी केला लाती हैं। गाय छोड़ देती है। सब अर्जुन के लिए ताली बजाते हैं!