पन्ना 1
अम्मा डोसा बनाती हैं। वह गोल और सुनहरा है। फिर... डोसा तवे से कूद जाता है!
पन्ना 2
वह दरवाज़े से बाहर लुढ़कता है। अर्जुन उसके पीछे भागता है। गाय के पास से! ऑटो के पास से! मंदिर के पास से!
पन्ना 3
डोसा चटनी की दुकान पर रुकता है। अर्जुन हँसता है। “तुम्हें बस चटनी चाहिए थी!” वाह।
पन्ना 4
दुकान वाले अंकल भी हँसते हैं। “चलने वाला डोसा? बैठो, बैठो!”
पन्ना 5
वे अर्जुन को नया डोसा देते हैं। चटनी के साथ! सांभर के साथ!
पन्ना 6
अर्जुन उसे जल्दी से खा लेता है, भागने से पहले। कुरकुर। ख़त्म!