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बहुत पहले की बात है। अर्जुन राजा के लिए एक नया खेल बनाता है। उसके बोर्ड में 64 खाने हैं।
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राजा को खेल बहुत पसंद आता है। “कोई भी इनाम माँगो!” वे कहते हैं।
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अर्जुन कहता है, “पहले खाने पर चावल का एक दाना। अगले पर दो। फिर चार, फिर आठ।”
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राजा हँसते हैं। “बस चावल? ले आओ!”
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पर चावल दुगने होते जाते हैं, दुगने होते जाते हैं। जल्दी ही पूरे राज्य में भी इतने चावल नहीं बचते!
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राजा अर्जुन के आगे सिर झुकाते हैं। “तुम बहुत होशियार हो। चलो, अब बस खेल खेलते हैं!”