नीला सियार
एक रात चण्डरव नाम का एक भूखा सियार खाना ढूँढ़ते-ढूँढ़ते शहर में घुस आया। कुत्ते उसके पीछे दौड़े, और भागते-भागते वह नीले रंग से भरे एक बड़े टब में कूद गया।
जब वह बाहर निकला, तो नाक से लेकर पूँछ तक चटक नीला हो चुका था!
वह जंगल लौटा। वहाँ के जानवरों ने पहले कभी कोई नीला जानवर नहीं देखा था। “तुम कौन हो?” उन्होंने काँपते हुए पूछा।
सियार को एक तरकीब सूझी। “भगवान ने मुझे तुम्हारा राजा बनाकर भेजा है,” उसने शान से कहा। शेर, बाघ और हाथी — सबने सिर झुकाया और उसके लिए सबसे अच्छा खाना लाने लगे।
नीले सियार को बहुत घमंड हो गया। उसने बाकी सारे सियारों को जंगल से भगा दिया, ताकि कोई उसे पहचान न ले।
एक शाम दूर कहीं सियार चाँद को देखकर हुआँ-हुआँ करने लगे। नीला सियार इतना खुश हुआ कि उसने भी सिर उठाया और ज़ोर से बोल पड़ा: “हुआँ-हुआँ!”
अब सबको पता चल गया कि वह तो बस एक सियार है। जानवरों को बहुत गुस्सा आया कि उन्हें बेवकूफ़ बनाया गया था। नीले सियार को हमेशा के लिए जंगल छोड़कर भागना पड़ा।