पन्ना 1
कांची में करघे खट-खट चलते हैं। अर्जुन बुनकर को देखता है। सोने का धागा चमकता है।
पन्ना 2
“किनारा चुनो,” बुनकर कहता है। “मोर? आम?” अर्जुन छोटे हाथी चुनता है!
पन्ना 3
साड़ी तैयार है। किनारे पर हाथी चलते हैं। अर्जुन ने रेशम में एक कहानी बनाई।
पन्ना 4
अम्मा साड़ी पहनकर मंदिर जाती हैं। सब हाथियों को देखते हैं!
पन्ना 5
“इन्हें किसने चुना?” एक आंटी पूछती हैं। अम्मा अर्जुन की ओर इशारा करती हैं।
पन्ना 6
बुनकर अर्जुन को एक नन्हा करघा देता है। “अगली बार अपनी कहानी खुद बनाना।”