पन्ना 1
पहाड़ियाँ गरम और सूखी हैं। अर्जुन एक चट्टान पर मोर देखता है। मोर आसमान देखता है।
पन्ना 2
काले बादल आते हैं। मोर अपनी पूँछ खोलता है। उसमें सौ हरी आँखें हैं!
पन्ना 3
टप! टप! पहली बारिश गिरती है। मोर नाचता है। अर्जुन भी नाचता है!
पन्ना 4
रात भर बारिश होती है। मेंढक गाते हैं। टर्र, टर्र!
पन्ना 5
सुबह पहाड़ियाँ हरी हैं। अर्जुन को चट्टान पर मोर का पंख मिलता है।
पन्ना 6
अर्जुन पंख को किताब में रखता है। नीला और हरा, बारिश के दिन जैसा।